भारत के Super Computer (Super Computer in India) – C-DAC, PARAM Series & Complete Exam Notes
Introduction (परिचय)
भारत के Super Computer (Super Computer in India) विषय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। RAS, SSC, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस, शिक्षक भर्ती और अन्य सरकारी परीक्षाओं में भारतीय सुपर कम्प्यूटर, C-DAC और PARAM Series से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
भारत ने 1980 के दशक में तकनीकी प्रतिबंधों का सामना करते हुए स्वयं का Super Computer विकसित किया। यह देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। आज भारत के Super Computer न केवल अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में उपयोग हो रहे हैं, बल्कि Artificial Intelligence, मौसम पूर्वानुमान और अंतरिक्ष अनुसंधान में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इस लेख में हम भारत के Super Computer, C-DAC, PARAM Series और Mainframe, Mini तथा Micro Computer के बारे में सरल और exam oriented तरीके से समझेंगे।
भारत के Super Computer
C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing)
Centre for Development of Advanced Computing
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स्थापना: 1988
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मुख्यालय: पुणे, महाराष्ट्र
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वर्तमान निदेशक: E. Mangesh
C-DAC भारत में Super Computer के विकास की प्रमुख संस्था है।
भारत में Super Computer का विकास
1980 के दशक में अमेरिका ने भारत को CRAY X-MP Super Computer देने से मना कर दिया।
तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वदेशी Super Computer बनाने का निर्णय लिया।
PARAM 8000 – पहला भारतीय Super Computer
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निर्माण: July 1991
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आविष्कारक: डॉ. विजय भटकर
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संस्था: C-DAC
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विशेषता: Parallel Machine
👉 PARAM 8000 भारत का पहला स्वदेशी Super Computer था।
| नाम | वर्ष | स्पीड / विशेषता |
|---|---|---|
| Param 10,000 | 1998 | उन्नत क्षमता |
| Param Padma | 2002 | 1024 GFLOPS |
| Param Yuva I | 2008 | उच्च प्रदर्शन |
| Param Yuva II | 2013 | तेज प्रोसेसिंग |
| Param Kanchenjunga | 2016 | अनुसंधान हेतु |
| Param Brahma | 2019 | आधुनिक तकनीक |
| Param Shivay | 2019 | IIT उपयोग |
| Param Siddhi AI | 2020 | 5.267 Peta Flops |
| Param Sanganak | — | 1.3 Peta Flops |
| Param Pravega | 2022 | 3.3 Peta Flops |
Param Siddhi AI
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लॉन्च: 16 Nov 2020
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विश्व रैंक: 111 (Top 500 Supercomputer List)
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स्पीड: 5.267 Peta Flops
अन्य भारतीय संस्थानों के Super Computer
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DRDO – PACE Series
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BARC – “Anupam”
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NAL (Bengaluru) – Flosolver
ये Super Computer रक्षा, परमाणु अनुसंधान और एयरोस्पेस में उपयोग होते हैं।
Mainframe Computer (मेनफ्रेम कम्प्यूटर)
Mainframe Computer Super Computer से छोटे लेकिन अत्यंत शक्तिशाली होते हैं।
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Speed: MIPS (Million Instructions per Second)
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उपयोग क्षेत्र:
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Banking
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Railway
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Insurance
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Automobile Industry
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उदाहरण:
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IBM-4381
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IBM System z10
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Hitachi Z800
Mini Computer (मिनी कम्प्यूटर)
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Multiuser Computer
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Multiprocessor
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Speed: KIPS
उपयोग: छोटे व्यवसाय और संस्थान
पहला Mini Computer: PDP-8 (1965)
अन्य उदाहरण: PDP-11, VAX, IBM AS 400
Micro Computer (माइक्रो कम्प्यूटर)
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Single User Computer
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सामान्य कार्य के लिए
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Speed: CPS
उदाहरण:
Desktop, Laptop, Tablet, Smartphone
आज अधिकांश लोग Micro Computer का उपयोग करते हैं।
Super Computer की विशेषताएँ
✔ अत्यधिक तेज गति (Peta Flops में माप)
✔ वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग
✔ मौसम पूर्वानुमान
✔ रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र
✔ Parallel Processing
Exam के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
✔ C-DAC की स्थापना – 1988
✔ मुख्यालय – पुणे
✔ पहला भारतीय Super Computer – PARAM 8000
✔ आविष्कारक – डॉ. विजय भटकर
✔ Param Siddhi AI – 5.267 Peta Flops
✔ Mainframe की Speed – MIPS
✔ Mini Computer – PDP-8 (1965)
Conclusion
भारत के Super Computer (Super Computer in India) देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। C-DAC द्वारा विकसित PARAM Series ने भारत को विश्व के अग्रणी देशों की सूची में स्थान दिलाया।
यदि आप Super Computer, PARAM Series और Mainframe, Mini, Micro Computer का अंतर समझ लेते हैं, तो प्रतियोगी परीक्षा में इस टॉपिक से जुड़े प्रश्न आसानी से हल कर सकते हैं। नियमित अभ्यास और तालिका आधारित पुनरावृत्ति सफलता की कुंजी है।
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