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प्रकाश, परावर्तन एवं अपवर्तन, दर्पण एवं लेंस – Physics Notes in Hindi

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By NotesMind

प्रकाश, परावर्तन एवं अपवर्तन, दर्पण एवं लेंस –

जब हम किसी वस्तु को देखते हैं, आईने में अपना चेहरा देखते हैं, चश्मे से साफ दिखाई देता है या पानी में रखी वस्तु की स्थिति बदली हुई दिखाई देती है, तो इन सभी घटनाओं के पीछे प्रकाश (Light) का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

Physics में प्रकाश का अध्ययन एक महत्वपूर्ण topic है। इसके अंतर्गत हम प्रकाश की प्रकृति, प्रकाश का परावर्तन, अपवर्तन, दर्पण, लेंस, प्रतिबिंब और प्रकाश से जुड़ी दैनिक जीवन की घटनाओं को समझते हैं।

राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में General Science के अंतर्गत प्रकाश से परिभाषा, नियम, प्रकार, SI इकाई, सूत्र, दर्पण एवं लेंस के उपयोग और दैनिक जीवन के उदाहरण से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।


1. प्रकाश (Light)

प्रकाश क्या है?

प्रकाश ऊर्जा का एक ऐसा रूप है, जिसकी सहायता से हम वस्तुओं को देख सकते हैं।

आसान भाषा में कहें तो किसी वस्तु से आने वाला प्रकाश जब हमारी आँखों तक पहुँचता है, तब हमें वह वस्तु दिखाई देती है।

उदाहरण के लिए, सूर्य स्वयं प्रकाश का स्रोत है। बल्ब भी प्रकाश उत्पन्न करता है। लेकिन किताब स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करती; वह उस पर पड़ने वाले प्रकाश को परावर्तित करती है और वही प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँचता है।


प्रकाश स्रोत क्या है?

जो वस्तु स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती है, उसे प्रकाश स्रोत (Source of Light) कहते हैं।

प्राकृतिक प्रकाश स्रोत

जो प्राकृतिक रूप से प्रकाश देते हैं।

उदाहरण:

  • सूर्य

  • तारे

  • कुछ जैवदीप्त जीव

कृत्रिम प्रकाश स्रोत

जो मनुष्य द्वारा बनाए गए हैं।

उदाहरण:

  • विद्युत बल्ब

  • LED

  • टॉर्च

  • मोमबत्ती

  • दीपक

Exam Point

सूर्य पृथ्वी के लिए प्राकृतिक प्रकाश का प्रमुख स्रोत है।


प्रकाश का सीधी रेखा में गमन

समरूप माध्यम में प्रकाश सामान्यतः सीधी रेखा में चलता है। प्रकाश के इस गुण को Rectilinear Propagation of Light कहा जाता है।

उदाहरण

  • पिनहोल कैमरा

  • वस्तु की छाया बनना

  • सूर्य ग्रहण

  • चंद्र ग्रहण

इन घटनाओं को प्रकाश के सीधी रेखा में गमन से समझा जा सकता है।


प्रकाश की चाल

निर्वात (Vacuum) में प्रकाश की चाल लगभग:

3 × 10⁸ m/s

होती है।

अर्थात प्रकाश लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से निर्वात में चलता है।

महत्वपूर्ण

प्रकाश की चाल अलग-अलग माध्यमों में अलग होती है।

सामान्यतः:

निर्वात > वायु > जल > काँच

के क्रम में प्रकाश की चाल घटती है।


प्रकाश की किरण और किरण-पुंज

प्रकाश किरण (Ray)

प्रकाश के गमन की दिशा को दर्शाने वाली सीधी रेखा को प्रकाश किरण कहते हैं।

किरण-पुंज (Beam)

कई प्रकाश किरणों के समूह को किरण-पुंज कहते हैं।

किरण-पुंज मुख्यतः तीन प्रकार के हो सकते हैं:

  1. समानांतर किरण-पुंज

  2. अभिसारी किरण-पुंज

  3. अपसारी किरण-पुंज


पारदर्शी, अपारदर्शी और पारभासी पदार्थ

पारदर्शी पदार्थ (Transparent)

जिन पदार्थों से प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर सकता है।

उदाहरण:

  • साफ काँच

  • स्वच्छ पानी

  • वायु

अपारदर्शी पदार्थ (Opaque)

जिनसे प्रकाश गुजर नहीं सकता।

उदाहरण:

  • लकड़ी

  • पत्थर

  • धातु

पारभासी पदार्थ (Translucent)

जिनसे प्रकाश का कुछ भाग गुजरता है, लेकिन वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।

उदाहरण:

  • धुंधला काँच

  • ट्रेसिंग पेपर


प्रकाश – Short Notes

  • प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है।

  • प्रकाश के कारण हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं।

  • निर्वात में प्रकाश की चाल ≈ 3 × 10⁸ m/s

  • प्रकाश समरूप माध्यम में सीधी रेखा में चलता है।

  • सूर्य प्राकृतिक प्रकाश का प्रमुख स्रोत है।

  • प्रकाश स्रोत स्वयं प्रकाश उत्पन्न करता है।

  • साफ काँच पारदर्शी पदार्थ का उदाहरण है।


2. परावर्तन (Reflection of Light)

परावर्तन क्या है?

जब प्रकाश की किरण किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटती है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन (Reflection) कहते हैं।

उदाहरण

आईने में अपना चेहरा दिखाई देना प्रकाश के परावर्तन के कारण होता है।


परावर्तन के नियम

प्रकाश के परावर्तन के दो मुख्य नियम हैं।

पहला नियम

आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।

दूसरा नियम

आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है।

अर्थात:

∠i = ∠r

जहाँ:

  • i = आपतन कोण

  • r = परावर्तन कोण


महत्वपूर्ण शब्द

आपतित किरण

जो प्रकाश किरण सतह पर आकर गिरती है, उसे आपतित किरण कहते हैं।

परावर्तित किरण

सतह से टकराने के बाद वापस जाने वाली किरण को परावर्तित किरण कहते हैं।

अभिलंब (Normal)

जिस बिंदु पर प्रकाश सतह से टकराता है, उस बिंदु पर सतह के लंबवत खींची गई काल्पनिक रेखा को अभिलंब कहते हैं।

आपतन कोण

आपतित किरण और अभिलंब के बीच का कोण आपतन कोण कहलाता है।

परावर्तन कोण

परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच का कोण परावर्तन कोण कहलाता है।


परावर्तन के प्रकार

1. नियमित परावर्तन (Regular Reflection)

जब समतल और चिकनी सतह से परावर्तन के बाद किरणें व्यवस्थित रूप से परावर्तित होती हैं, तो इसे नियमित परावर्तन कहते हैं।

उदाहरण

समतल दर्पण।


2. विसरित परावर्तन (Diffuse Reflection)

जब खुरदरी सतह पर प्रकाश पड़ने के बाद किरणें अलग-अलग दिशाओं में परावर्तित होती हैं, तो इसे विसरित परावर्तन कहते हैं।

उदाहरण

दीवार, कागज और सड़क की सतह।

ध्यान दें कि विसरित परावर्तन में भी परावर्तन का नियम लागू होता है; अलग-अलग बिंदुओं पर सतह के अभिलंब अलग होने के कारण प्रकाश अलग दिशाओं में जाता दिखाई देता है।


परावर्तन के दैनिक जीवन में उपयोग

  • दर्पण

  • पेरिस्कोप

  • सौर कुकर

  • वाहन के rear-view mirror

  • टॉर्च और हेडलाइट के reflector

  • सौर ऊर्जा उपकरण


परावर्तन – Short Notes

परावर्तन = प्रकाश का सतह से टकराकर उसी माध्यम में लौटना।

∠i = ∠r

समतल चिकनी सतह → नियमित परावर्तन

खुरदरी सतह → विसरित परावर्तन


3. अपवर्तन (Refraction of Light)

अपवर्तन क्या है?

जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाता है, तो उसकी चाल बदलने के कारण उसकी दिशा बदल सकती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन (Refraction) कहते हैं।

उदाहरण

पानी में रखी पेंसिल टेढ़ी दिखाई देना अपवर्तन के कारण होता है।


प्रकाश का अपवर्तन क्यों होता है?

प्रकाश की चाल अलग-अलग माध्यमों में अलग होती है।

जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है, तो उसकी चाल बदलती है। इसी कारण उसकी दिशा भी बदल सकती है।

यदि प्रकाश अभिलंब के along यानी ठीक अभिलंब की दिशा में जाए, तो उसकी दिशा नहीं मुड़ती, हालांकि उसकी चाल बदल सकती है।


अपवर्तन के नियम

अपवर्तन के दो प्रमुख नियम हैं।

पहला नियम

आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।

दूसरा नियम – Snell's Law

निश्चित दो माध्यमों के लिए:

sin i / sin r = constant

इसे Snell's Law कहते हैं।

दो माध्यमों के अपवर्तनांक के संदर्भ में:

n₁ sin i = n₂ sin r

जहाँ:

  • i = आपतन कोण

  • r = अपवर्तन कोण

  • n₁ = पहले माध्यम का अपवर्तनांक

  • n₂ = दूसरे माध्यम का अपवर्तनांक


अपवर्तनांक (Refractive Index)

किसी माध्यम में प्रकाश की चाल की तुलना निर्वात में प्रकाश की चाल से करने पर उस माध्यम के अपवर्तनांक को समझा जाता है।

Formula

n = c/v

जहाँ:

  • n = अपवर्तनांक

  • c = निर्वात में प्रकाश की चाल

  • v = माध्यम में प्रकाश की चाल

अपवर्तनांक की कोई SI इकाई नहीं होती, क्योंकि यह एक अनुपात है।


प्रकाश अभिलंब की ओर या उससे दूर क्यों मुड़ता है?

जब प्रकाश कम अपवर्तनांक वाले माध्यम से अधिक अपवर्तनांक वाले माध्यम में जाता है, तो वह सामान्यतः अभिलंब की ओर मुड़ता है।

उदाहरण:

वायु → काँच

जब प्रकाश अधिक अपवर्तनांक वाले माध्यम से कम अपवर्तनांक वाले माध्यम में जाता है, तो वह सामान्यतः अभिलंब से दूर मुड़ता है।

उदाहरण:

काँच → वायु


अपवर्तन के दैनिक जीवन में उदाहरण

  • पानी में रखी पेंसिल का टेढ़ा दिखाई देना

  • पानी में सिक्का वास्तविक स्थिति से ऊपर दिखाई देना

  • चश्मे के लेंस

  • कैमरा लेंस

  • दूरबीन

  • सूक्ष्मदर्शी

  • इंद्रधनुष जैसी घटनाओं में प्रकाश का अपवर्तन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है


अपवर्तन – Short Notes

  • अपवर्तन में प्रकाश की दिशा बदल सकती है।

  • इसका मुख्य कारण माध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन है।

  • Snell's Law → sin i/sin r = constant

  • अपवर्तनांक → n = c/v

  • विरल से सघन माध्यम → अभिलंब की ओर

  • सघन से विरल माध्यम → अभिलंब से दूर

  • अपवर्तनांक की कोई SI इकाई नहीं होती।


4. दर्पण (Mirror)

दर्पण क्या है?

ऐसी चिकनी और चमकीली सतह जो प्रकाश का नियमित परावर्तन कर सकती है और स्पष्ट प्रतिबिंब बना सकती है, उसे दर्पण (Mirror) कहते हैं।

दर्पण मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

  1. समतल दर्पण

  2. गोलीय दर्पण

गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं:

  • अवतल दर्पण

  • उत्तल दर्पण


4.1 समतल दर्पण (Plane Mirror)

जिस दर्पण की परावर्तक सतह समतल होती है, उसे समतल दर्पण कहते हैं।

समतल दर्पण में प्रतिबिंब के गुण

समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब:

  • आभासी होता है।

  • सीधा होता है।

  • वस्तु के समान आकार का होता है।

  • दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है।

  • पार्श्व परिवर्तन (Lateral Inversion) दिखाता है।

पार्श्व परिवर्तन

समतल दर्पण में दाएँ-बाएँ का उलटाव दिखाई देता है।

इसी कारण एम्बुलेंस के सामने AMBULANCE शब्द को अक्सर उल्टे रूप में लिखा जाता है, ताकि rear-view mirror में वह सही पढ़ा जा सके।


4.2 गोलीय दर्पण (Spherical Mirror)

किसी खोखले गोले की सतह के एक भाग से बने दर्पण को गोलीय दर्पण कहते हैं।

इसके दो प्रकार हैं:

1. अवतल दर्पण (Concave Mirror)

जिसकी परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी होती है, उसे अवतल दर्पण कहते हैं।

इसे Converging Mirror भी कहा जाता है क्योंकि समानांतर प्रकाश किरणों को परावर्तन के बाद अभिसारित कर सकता है।

उपयोग

  • शेविंग/मेकअप mirror

  • दंत चिकित्सक का mirror

  • टॉर्च और वाहन headlight में reflector

  • सौर भट्ठी

  • कुछ optical instruments


2. उत्तल दर्पण (Convex Mirror)

जिसकी परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है, उसे उत्तल दर्पण कहते हैं।

इसे Diverging Mirror कहा जाता है क्योंकि समानांतर किरणें परावर्तन के बाद फैलती हुई प्रतीत होती हैं।

उपयोग

  • वाहनों के rear-view/side-view mirrors

  • दुकानों और मोड़ों पर सुरक्षा mirrors

उत्तल दर्पण अधिक क्षेत्र का दृश्य दिखा सकता है।


गोलीय दर्पण के महत्वपूर्ण भाग

ध्रुव (Pole – P)

दर्पण की परावर्तक सतह का मध्य बिंदु।

वक्रता केंद्र (Centre of Curvature – C)

उस काल्पनिक गोले का केंद्र जिसका भाग दर्पण है।

वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature – R)

P और C के बीच की दूरी।

मुख्य अक्ष (Principal Axis)

P और C को जोड़ने वाली सीधी रेखा।

मुख्य फोकस (Principal Focus – F)

मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली किरणें परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, वह मुख्य फोकस है।


दर्पण का सूत्र

गोलीय दर्पण के लिए:

1/f = 1/v + 1/u

जहाँ:

  • f = फोकस दूरी

  • v = प्रतिबिंब दूरी

  • u = वस्तु दूरी

और:

R = 2f

अर्थात वक्रता त्रिज्या फोकस दूरी की लगभग दो गुनी होती है।


दर्पण की आवर्धन (Magnification)

m = hᵢ/hₒ = -v/u

जहाँ:

  • hᵢ = प्रतिबिंब की ऊँचाई

  • hₒ = वस्तु की ऊँचाई

  • v = प्रतिबिंब दूरी

  • u = वस्तु दूरी


5. लेंस (Lens)

लेंस क्या है?

दो अपवर्तक सतहों से घिरा हुआ पारदर्शी माध्यम, जिसकी कम-से-कम एक सतह वक्र हो, लेंस कहलाता है।

लेंस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

  1. उत्तल लेंस

  2. अवतल लेंस


5.1 उत्तल लेंस (Convex Lens)

उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है।

यह समानांतर प्रकाश किरणों को अपवर्तन के बाद एक बिंदु की ओर अभिसारित करता है।

इसलिए इसे:

Converging Lens

कहा जाता है।

उपयोग

  • आवर्धक काँच

  • कैमरा

  • सूक्ष्मदर्शी

  • दूरबीन

  • प्रोजेक्टर

  • कुछ प्रकार के चश्मे


5.2 अवतल लेंस (Concave Lens)

अवतल लेंस बीच में पतला और किनारों पर मोटा होता है।

यह समानांतर प्रकाश किरणों को अपवर्तन के बाद फैला देता है।

इसलिए इसे:

Diverging Lens

कहा जाता है।

उपयोग

  • निकट दृष्टि दोष (Myopia) के चश्मे

  • कुछ optical instruments


लेंस के महत्वपूर्ण भाग

प्रकाशिक केंद्र (Optical Centre)

लेंस का वह बिंदु जिसके पास से गुजरने वाली प्रकाश किरण सामान्यतः बिना महत्वपूर्ण विचलन के आगे बढ़ती है।

मुख्य अक्ष

लेंस के प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकसों से गुजरने वाली सीधी रेखा।

मुख्य फोकस (F)

मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली किरणें अपवर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, वह मुख्य फोकस कहलाता है।


लेंस का सूत्र

पतले लेंस के लिए:

1/f = 1/v - 1/u

जहाँ:

  • f = फोकस दूरी

  • v = प्रतिबिंब दूरी

  • u = वस्तु दूरी


लेंस की शक्ति (Power of Lens)

लेंस की अभिसरण या अपसरण क्षमता को उसकी शक्ति (Power) से व्यक्त किया जाता है।

Formula

P = 1/f

यहाँ f को मीटर में लेना आवश्यक है।

SI इकाई

Dioptre (D)

यदि फोकस दूरी 1 meter है:

P = 1/1 = 1 D

महत्वपूर्ण

  • उत्तल लेंस → धनात्मक शक्ति

  • अवतल लेंस → ऋणात्मक शक्ति


दर्पण और लेंस में अंतर

दर्पण लेंस
प्रकाश का परावर्तन करता है प्रकाश का अपवर्तन करता है
सामान्यतः अपारदर्शी परावर्तक सतह पारदर्शी माध्यम
Concave और Convex mirror Convex और Concave lens
Mirror formula Lens formula
Rear-view mirror आदि में उपयोग चश्मा, कैमरा आदि में उपयोग

उत्तल और अवतल की तुलना

अवतल दर्पण उत्तल दर्पण
अंदर की ओर मुड़ा बाहर की ओर उभरा
अभिसारी अपसारी
बड़ा प्रतिबिंब बना सकता है छोटा, सीधा, आभासी प्रतिबिंब देता है
शेविंग mirror में उपयोग वाहन के rear-view mirror में उपयोग
उत्तल लेंस अवतल लेंस
बीच में मोटा बीच में पतला
अभिसारी अपसारी
अभिसारी किरणें किरणों को फैलाता है
Magnifying glass में उपयोग Myopia के चश्मे में उपयोग

प्रकाश, परावर्तन और अपवर्तन के महत्वपूर्ण सूत्र

Topic Formula
प्रकाश की चाल c ≈ 3 × 10⁸ m/s
परावर्तन ∠i = ∠r
अपवर्तनांक n = c/v
Snell's Law n₁ sin i = n₂ sin r
Mirror Formula 1/f = 1/v + 1/u
Mirror Magnification m = -v/u
Radius और Focus R = 2f
Lens Formula 1/f = 1/v - 1/u
Lens Power P = 1/f

प्रतियोगी परीक्षा के लिए Super Important Short Notes

प्रकाश

  • प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है।

  • निर्वात में प्रकाश की चाल → 3 × 10⁸ m/s

  • समरूप माध्यम में प्रकाश सीधी रेखा में चलता है।

परावर्तन

  • प्रकाश का सतह से टकराकर उसी माध्यम में लौटना → परावर्तन

  • आपतन कोण = परावर्तन कोण

  • समतल दर्पण → आभासी, सीधा और समान आकार का प्रतिबिंब।

अपवर्तन

  • माध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल बदलने के कारण दिशा बदलना → अपवर्तन

  • अपवर्तनांक → n = c/v

  • विरल → सघन → अभिलंब की ओर

  • सघन → विरल → अभिलंब से दूर

दर्पण

  • समतल दर्पण → समान आकार का आभासी प्रतिबिंब

  • अवतल दर्पण → अभिसारी

  • उत्तल दर्पण → अपसारी

  • Mirror Formula → 1/f = 1/v + 1/u

  • R = 2f

लेंस

  • उत्तल लेंस → बीच में मोटा → अभिसारी

  • अवतल लेंस → बीच में पतला → अपसारी

  • Lens Formula → 1/f = 1/v - 1/u

  • Power → P = 1/f

  • Power की इकाई → Dioptre


परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले One-Liners

  1. प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है।

  2. निर्वात में प्रकाश की चाल लगभग 3 × 10⁸ m/s है।

  3. प्रकाश के सीधी रेखा में गमन को Rectilinear Propagation कहते हैं।

  4. प्रकाश का सतह से टकराकर वापस लौटना परावर्तन कहलाता है।

  5. आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं।

  6. प्रकाश के माध्यम बदलने पर उसकी दिशा में होने वाला परिवर्तन अपवर्तन कहलाता है।

  7. अपवर्तनांक का सूत्र n = c/v है।

  8. समतल दर्पण में प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है।

  9. समतल दर्पण में प्रतिबिंब वस्तु के समान आकार का होता है।

  10. समतल दर्पण में पार्श्व परिवर्तन होता है।

  11. अवतल दर्पण अभिसारी दर्पण है।

  12. उत्तल दर्पण अपसारी दर्पण है।

  13. वाहनों के rear-view mirror में सामान्यतः उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है।

  14. शेविंग mirror के रूप में अवतल दर्पण का उपयोग किया जा सकता है।

  15. उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहते हैं।

  16. अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं।

  17. Lens की शक्ति की SI derived unit Dioptre (D) है।

  18. उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक होती है।

  19. अवतल लेंस की शक्ति ऋणात्मक होती है।

  20. लेंस की शक्ति का सूत्र P = 1/f है, जहाँ f मीटर में है।


निष्कर्ष

प्रकाश का chapter केवल परीक्षा के लिए याद करने वाला विषय नहीं है। हमारे दैनिक जीवन में दिखाई देने वाली कई घटनाएँ इसी के सिद्धांतों पर आधारित हैं। आईने में चेहरा दिखाई देना परावर्तन, पानी में पेंसिल का मुड़ी हुई दिखाई देना अपवर्तन, चश्मे से दृष्टि सुधारना लेंस, और वाहन के पीछे का क्षेत्र देखना उत्तल दर्पण का उपयोग है।

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते समय इस chapter में विशेष रूप से परावर्तन के नियम, अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, दर्पण के प्रकार, दर्पण सूत्र, लेंस के प्रकार, लेंस सूत्र और लेंस की शक्ति को अच्छी तरह तैयार करें।

सिर्फ formula याद करने के बजाय यह भी समझें कि किस formula का उपयोग कब करना है और किस घटना के पीछे कौन-सा principle काम कर रहा है। इससे conceptual और numerical दोनों तरह के प्रश्नों को हल करना आसान हो जाता है।


FAQ – प्रकाश, परावर्तन, अपवर्तन, दर्पण एवं लेंस

1. प्रकाश क्या है?

उत्तर: प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है, जिसकी सहायता से हम वस्तुओं को देख सकते हैं।

2. निर्वात में प्रकाश की चाल कितनी होती है?

उत्तर: निर्वात में प्रकाश की चाल लगभग 3 × 10⁸ मीटर/सेकंड होती है।

3. परावर्तन क्या है?

उत्तर: जब प्रकाश किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटता है, तो इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

4. परावर्तन का दूसरा नियम क्या है?

उत्तर: परावर्तन के दूसरे नियम के अनुसार आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं, अर्थात ∠i = ∠r

5. अपवर्तन क्या है?

उत्तर: जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है और उसकी चाल बदलने के कारण उसकी दिशा बदल सकती है, तो इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

6. अपवर्तनांक का सूत्र क्या है?

उत्तर: किसी माध्यम के लिए अपवर्तनांक का सामान्य सूत्र n = c/v है, जहाँ c निर्वात में प्रकाश की चाल और v उस माध्यम में प्रकाश की चाल है।

7. वाहनों में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर: उत्तल दर्पण बड़ा क्षेत्र दिखाता है और सीधा, आभासी तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है। इसलिए वाहन के पीछे या बगल का अधिक क्षेत्र देखने में मदद करता है।

8. अवतल दर्पण का उपयोग कहाँ किया जाता है?

उत्तर: अवतल दर्पण का उपयोग शेविंग या मेकअप mirror, दंत चिकित्सक के mirror तथा कुछ प्रकाशीय उपकरणों और reflectors में किया जाता है।

9. उत्तल और अवतल लेंस में क्या अंतर है?

उत्तर: उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है तथा प्रकाश किरणों को अभिसारित करता है। अवतल लेंस बीच में पतला और किनारों पर मोटा होता है तथा प्रकाश किरणों को अपसारित करता है।

10. लेंस की शक्ति का सूत्र और इकाई क्या है?

उत्तर: लेंस की शक्ति का सूत्र P = 1/f है, जहाँ f मीटर में फोकस दूरी है। इसकी इकाई डायोप्टर (Dioptre) है।

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