गुरुत्वाकर्षण, दाब, घनत्व और ऊष्मा – Physics Notes in Hindi
गुरुत्वाकर्षण, दाब, घनत्व, पदार्थ के गुण, ऊष्मा एवं तापमान – Complete Physics Notes
Physics में कुछ concepts ऐसे हैं जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में लगातार देखते हैं, लेकिन उनके पीछे का वैज्ञानिक कारण अक्सर नहीं जानते। पेड़ से फल नीचे क्यों गिरता है? पानी में लोहे की कील डूब जाती है लेकिन लकड़ी तैरती है? प्रेशर कुकर में खाना जल्दी क्यों पकता है? गर्म चाय कुछ समय बाद ठंडी क्यों हो जाती है? ये सभी सवाल गुरुत्वाकर्षण, दाब, घनत्व, पदार्थ के गुण और ऊष्मा जैसे Physics के concepts से जुड़े हैं।
इस article में हम गुरुत्वाकर्षण (Gravitation), दाब (Pressure), घनत्व (Density), पदार्थ के गुण (Properties of Matter), ऊष्मा एवं तापमान (Heat and Temperature) तथा ऊष्मा के संचरण (Transfer of Heat) को आसान हिंदी में समझेंगे।
ये topics Rajasthan की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के General Science और Physics section के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
1. गुरुत्वाकर्षण (Gravitation)
गुरुत्वाकर्षण क्या है?
ब्रह्मांड में प्रत्येक दो वस्तुएँ एक-दूसरे को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। वस्तुओं के बीच इस आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) कहते हैं।
आसान भाषा में कहें तो पृथ्वी जिस बल से वस्तुओं को अपनी ओर खींचती है, उसे गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं।
इसी कारण जब हम कोई वस्तु ऊपर से छोड़ते हैं तो वह नीचे पृथ्वी की ओर गिरती है।
उदाहरण
-
पेड़ से फल नीचे गिरना
-
बारिश की बूंदों का जमीन पर गिरना
-
मनुष्य का पृथ्वी पर खड़ा रहना
-
चंद्रमा का पृथ्वी के चारों ओर घूमना
-
पृथ्वी का सूर्य की परिक्रमा करना
इन घटनाओं में गुरुत्वाकर्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है।
न्यूटन और गुरुत्वाकर्षण
वैज्ञानिक सर आइज़ैक न्यूटन (Isaac Newton) ने सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम दिया।
न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम
ब्रह्मांड में प्रत्येक दो पिंड एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं और यह आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
इसका सूत्र:
F = G m₁m₂ / r²
जहाँ:
-
F = गुरुत्वाकर्षण बल
-
G = सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक
-
m₁ और m₂ = दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान
-
r = दोनों वस्तुओं के केंद्रों के बीच की दूरी
गुरुत्वीय त्वरण (Acceleration Due to Gravity)
पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण किसी वस्तु में उत्पन्न त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं।
इसे g से दर्शाते हैं।
पृथ्वी की सतह के पास:
g ≈ 9.8 m/s²
प्रतियोगी परीक्षाओं में कई numerical questions में सुविधा के लिए g = 9.8 m/s² या 10 m/s² लिया जाता है।
द्रव्यमान और भार
गुरुत्वाकर्षण के साथ द्रव्यमान (Mass) और भार (Weight) को समझना भी जरूरी है।
द्रव्यमान
किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की मात्रा को द्रव्यमान कहते हैं।
SI इकाई → किलोग्राम (kg)
द्रव्यमान स्थान बदलने पर सामान्यतः नहीं बदलता।
भार
किसी वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण द्वारा लगाया गया बल उसका भार कहलाता है।
W = mg
जहाँ:
-
W = भार
-
m = द्रव्यमान
-
g = गुरुत्वीय त्वरण
SI इकाई → न्यूटन (N)
पृथ्वी और चंद्रमा पर भार
चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी की तुलना में काफी कम है। इसलिए किसी व्यक्ति का द्रव्यमान समान रहता है, लेकिन उसका भार कम हो जाता है।
Exam Point
द्रव्यमान → स्थान बदलने पर नहीं बदलता
भार → गुरुत्वीय क्षेत्र के अनुसार बदल सकता है
गुरुत्वाकर्षण और गुरुत्व में अंतर
गुरुत्वाकर्षण दो पिंडों के बीच आकर्षण का सामान्य बल है।
जब किसी ग्रह या खगोलीय पिंड का आकर्षण किसी वस्तु पर कार्य करता है, तो उसे उसके गुरुत्व के संदर्भ में समझा जाता है।
गुरुत्वाकर्षण – Short Notes
-
प्रत्येक दो पिंडों के बीच आकर्षण बल होता है।
-
न्यूटन ने सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम दिया।
-
गुरुत्वाकर्षण बल का सूत्र → F = Gm₁m₂/r²
-
पृथ्वी के पास g ≈ 9.8 m/s²
-
भार का सूत्र → W = mg
-
भार की SI इकाई → न्यूटन
-
द्रव्यमान की SI इकाई → किलोग्राम
2. दाब (Pressure)
दाब क्या है?
किसी सतह के प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगाए गए लंबवत बल को दाब कहते हैं।
Formula
P = F/A
जहाँ:
-
P = दाब
-
F = बल
-
A = क्षेत्रफल
SI इकाई
पास्कल (Pascal)
प्रतीक → Pa
1 Pa = 1 N/m²
दाब किन चीजों पर निर्भर करता है?
दाब मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करता है:
-
लगाया गया बल
-
बल लगाने का क्षेत्रफल
यदि समान बल को छोटे क्षेत्रफल पर लगाया जाए, तो दाब अधिक होगा।
दैनिक जीवन में दाब के उदाहरण
नुकीली कील आसानी से क्यों घुसती है?
कील का सिरा बहुत नुकीला होता है। इसका क्षेत्रफल बहुत कम होता है। समान बल छोटे क्षेत्रफल पर लगता है, इसलिए दाब अधिक उत्पन्न होता है।
चाकू की धार तेज क्यों होती है?
तेज धार का संपर्क क्षेत्रफल कम होता है। इससे कम क्षेत्रफल पर अधिक दाब पड़ता है और वस्तु काटना आसान होता है।
ऊँची एड़ी की चप्पल अधिक दाब क्यों डालती है?
उसका संपर्क क्षेत्रफल कम होता है, इसलिए शरीर का भार छोटे क्षेत्रफल पर पड़ता है और दाब अधिक होता है।
द्रव में दाब
द्रव भी दाब डालते हैं।
किसी द्रव में गहराई बढ़ने पर सामान्यतः दाब बढ़ता है।
इसी कारण बांध की दीवार नीचे से अधिक मोटी बनाई जाती है।
Exam Point
द्रव में गहराई बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
वायुमंडलीय दाब
पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित वायु अपने भार के कारण दाब डालती है। इसे वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure) कहते हैं।
समुद्र तल पर मानक वायुमंडलीय दाब लगभग:
1.013 × 10⁵ Pa
या
1 atm
होता है।
दाब – Short Notes
दाब = बल / क्षेत्रफल
P = F/A
SI इकाई → Pascal
1 Pa = 1 N/m²
क्षेत्रफल कम → दाब अधिक
क्षेत्रफल अधिक → दाब कम
द्रव में गहराई बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
3. घनत्व (Density)
घनत्व क्या है?
किसी पदार्थ के इकाई आयतन में उपस्थित द्रव्यमान को घनत्व कहते हैं।
Formula
ρ = m/V
जहाँ:
-
ρ = घनत्व
-
m = द्रव्यमान
-
V = आयतन
SI इकाई
kg/m³
घनत्व को सामान्यतः ग्रीक अक्षर ρ (rho) से दर्शाया जाता है।
घनत्व को आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए दो वस्तुओं का आकार लगभग समान है, लेकिन एक लोहे की है और दूसरी लकड़ी की।
लोहे का द्रव्यमान अधिक होगा। इसलिए समान आयतन के लिए लोहे का घनत्व लकड़ी से अधिक होगा।
पानी का घनत्व
पानी का घनत्व लगभग:
1000 kg/m³
या
1 g/cm³
होता है।
यह value numerical questions में बहुत उपयोगी है।
वस्तु तैरती या डूबती क्यों है?
किसी वस्तु का तैरना या डूबना उसके घनत्व और द्रव के घनत्व से संबंधित है।
सामान्य रूप से:
-
वस्तु का घनत्व द्रव से अधिक → वस्तु डूब सकती है।
-
वस्तु का औसत घनत्व द्रव से कम → वस्तु तैर सकती है।
इसी principle के कारण लकड़ी पानी पर तैरती है जबकि लोहे का ठोस टुकड़ा पानी में डूब सकता है।
जहाज लोहे/स्टील से बना होने के बावजूद अपने खोखले आकार के कारण पर्याप्त पानी विस्थापित करता है और उसका औसत घनत्व पानी से कम रखा जा सकता है, इसलिए वह तैरता है।
⭐ घनत्व – Short Notes
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
ρ = m/V
SI इकाई → kg/m³
पानी का घनत्व → लगभग 1000 kg/m³
घनत्व एक अदिश राशि है।
4. पदार्थ के गुण (Properties of Matter)
हमारे आसपास मौजूद सभी भौतिक वस्तुएँ पदार्थ से बनी होती हैं। पदार्थ के कुछ विशेष गुण होते हैं जिनके कारण अलग-अलग पदार्थों का व्यवहार अलग होता है।
पदार्थ की मुख्य अवस्थाएँ हैं:
-
ठोस
-
द्रव
-
गैस
ठोस (Solid)
ठोस पदार्थ का:
-
निश्चित आकार होता है।
-
निश्चित आयतन होता है।
-
कण एक-दूसरे के काफी पास होते हैं।
-
कण अपनी औसत स्थिति के आसपास कंपन करते हैं।
-
सामान्यतः ठोस को संपीड़ित करना कठिन होता है।
उदाहरण
-
पत्थर
-
लकड़ी
-
लोहा
-
बर्फ
द्रव (Liquid)
द्रव का:
-
निश्चित आयतन होता है।
-
निश्चित आकार नहीं होता।
-
यह पात्र का आकार ग्रहण करता है।
-
इसके कण ठोस की तुलना में अधिक स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
-
इसे बहुत कम मात्रा में संपीड़ित किया जा सकता है।
उदाहरण
-
पानी
-
दूध
-
तेल
-
पेट्रोल
गैस (Gas)
गैस का:
-
निश्चित आकार नहीं होता।
-
निश्चित आयतन नहीं होता।
-
यह उपलब्ध स्थान को भर देती है।
-
कणों के बीच दूरी अधिक होती है।
-
गैसों को आसानी से संपीड़ित किया जा सकता है।
उदाहरण
-
ऑक्सीजन
-
नाइट्रोजन
-
कार्बन डाइऑक्साइड
-
जलवाष्प
पदार्थ के कुछ महत्वपूर्ण गुण
1. प्रत्यास्थता (Elasticity)
बाहरी बल हटाने पर किसी पदार्थ का अपनी मूल अवस्था में लौटने का गुण प्रत्यास्थता कहलाता है।
उदाहरण:
रबर बैंड को खींचने पर वह बल हटाने के बाद काफी हद तक अपनी पुरानी अवस्था में लौटता है।
2. प्लास्टिसिटी (Plasticity)
बाहरी बल हटाने के बाद पदार्थ का अपनी मूल अवस्था में वापस न लौटना और स्थायी विकृति बनाए रखना प्लास्टिसिटी कहलाता है।
3. श्यानता (Viscosity)
द्रव की परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने के गुण को श्यानता कहते हैं।
आसान उदाहरण:
शहद पानी की तुलना में धीरे बहता है क्योंकि उसकी श्यानता अधिक होती है।
4. पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
द्रव की सतह का ऐसा गुण जिसके कारण वह अपनी सतह का क्षेत्रफल कम से कम रखने की प्रवृत्ति रखती है, पृष्ठ तनाव कहलाता है।
उदाहरण
-
पानी की बूंद का लगभग गोलाकार होना
-
कुछ छोटे कीटों का पानी की सतह पर चल पाना
5. संपीड्यता (Compressibility)
किसी पदार्थ के आयतन को बाहरी दाब द्वारा कम करने की क्षमता को संपीड्यता कहते हैं।
गैसों की संपीड्यता ठोस और द्रव की तुलना में बहुत अधिक होती है।
6. घनत्व (Density)
इकाई आयतन में द्रव्यमान की मात्रा को घनत्व कहते हैं।
ρ = m/V
पदार्थ के गुण – Short Notes
-
ठोस → निश्चित आकार और आयतन
-
द्रव → निश्चित आयतन, अनिश्चित आकार
-
गैस → आकार और आयतन दोनों अनिश्चित
-
रबर → प्रत्यास्थता का उदाहरण
-
शहद → अधिक श्यानता
-
गैस → अधिक संपीड्य
-
पानी की बूंद → पृष्ठ तनाव का उदाहरण
5. ऊष्मा एवं तापमान (Heat and Temperature)
ऊष्मा और तापमान को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन Physics में दोनों अलग-अलग concepts हैं।
ऊष्मा (Heat) क्या है?
तापमान में अंतर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित होने वाली ऊर्जा को ऊष्मा कहते हैं।
ऊष्मा सामान्यतः अधिक तापमान वाली वस्तु से कम तापमान वाली वस्तु की ओर स्थानांतरित होती है।
SI इकाई
जूल (J)
ऊष्मा के लिए कैलोरी भी एक सामान्य इकाई है।
1 calorie ≈ 4.186 J
तापमान (Temperature) क्या है?
तापमान किसी वस्तु की गर्म या ठंडी अवस्था का माप है।
आसान भाषा में:
किसी वस्तु में कणों की औसत गतिज ऊर्जा से संबंधित उसकी गर्माहट या ठंडक की अवस्था को तापमान के रूप में व्यक्त किया जाता है।
तापमान मापने के लिए थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है।
तापमान की प्रमुख इकाइयाँ
Celsius
इकाई → °C
Fahrenheit
इकाई → °F
Kelvin
SI इकाई → K
Celsius और Fahrenheit का संबंध
F = (9/5)C + 32
और
C = 5/9(F - 32)
Celsius और Kelvin का संबंध
लगभग:
K = °C + 273.15
स्कूली और प्रतियोगी परीक्षा के सामान्य calculations में अक्सर:
K ≈ °C + 273
लिया जाता है।
ऊष्मा और तापमान में अंतर
| ऊष्मा | तापमान |
|---|---|
| ऊर्जा का स्थानांतरण | गर्म/ठंडेपन का माप |
| SI इकाई जूल | SI इकाई केल्विन |
| वस्तुओं के बीच transfer हो सकती है | वस्तु की thermal state को दर्शाता है |
| Calorie भी इकाई है | Celsius/Fahrenheit भी scale हैं |
विशिष्ट ऊष्मा धारिता (Specific Heat Capacity)
किसी पदार्थ के एकक द्रव्यमान का तापमान 1°C या 1 K बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा को उसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता कहते हैं।
Formula
Q = mcΔT
जहाँ:
-
Q = दी गई ऊष्मा
-
m = द्रव्यमान
-
c = विशिष्ट ऊष्मा धारिता
-
ΔT = तापमान में परिवर्तन
गुप्त ऊष्मा (Latent Heat)
पदार्थ की अवस्था बदलने के दौरान, तापमान में उल्लेखनीय परिवर्तन किए बिना अवशोषित या मुक्त होने वाली ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
उदाहरण
बर्फ का पानी में बदलना।
जब बर्फ अपने गलनांक पर पिघलती है तो अवस्था परिवर्तन के दौरान दी गई ऊष्मा का उपयोग अवस्था बदलने में होता है।
ऊष्मा एवं तापमान – Short Notes
-
ऊष्मा → ऊर्जा का स्थानांतरण
-
ऊष्मा की SI इकाई → जूल
-
तापमान की SI इकाई → केल्विन
-
तापमान मापने का यंत्र → थर्मामीटर
-
ऊष्मा का सूत्र → Q = mcΔT
-
Celsius → °C
-
Fahrenheit → °F
-
Kelvin → K
-
लगभग K = °C + 273
6. ऊष्मा का संचरण (Transfer of Heat)
ऊष्मा हमेशा सामान्यतः उच्च तापमान से निम्न तापमान की ओर जाती है।
ऊष्मा के संचरण की तीन प्रमुख विधियाँ हैं:
-
चालन (Conduction)
-
संवहन (Convection)
-
विकिरण (Radiation)
1. चालन (Conduction)
जब ऊष्मा पदार्थ के कणों के प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती है, तो इसे चालन कहते हैं।
इसमें पदार्थ का bulk movement आवश्यक नहीं होता।
उदाहरण
लोहे की छड़ के एक सिरे को गर्म करने पर कुछ समय बाद दूसरा सिरा भी गर्म हो जाता है।
धातुएँ सामान्यतः ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं।
अच्छे ऊष्मा चालक
-
चांदी
-
तांबा
-
एल्युमिनियम
-
लोहा
खराब चालक / कुचालक
-
लकड़ी
-
रबर
-
प्लास्टिक
-
काँच
2. संवहन (Convection)
द्रव या गैस के कणों के वास्तविक स्थानांतरण के कारण ऊष्मा के स्थानांतरण को संवहन कहते हैं।
यह मुख्यतः द्रव और गैसों में होता है।
उदाहरण
पानी को गर्म करने पर गर्म पानी ऊपर और अपेक्षाकृत ठंडा पानी नीचे आता है। इससे convection currents बनती हैं।
समुद्री और स्थलीय समीर
दिन के समय भूमि जल्दी गर्म होती है। भूमि के ऊपर की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है और समुद्र की अपेक्षाकृत ठंडी हवा भूमि की ओर आती है। इसे समुद्री समीर (Sea Breeze) कहते हैं।
रात में स्थिति उलट जाती है और स्थलीय समीर (Land Breeze) उत्पन्न होती है।
यह संवहन का अच्छा उदाहरण है।
3. विकिरण (Radiation)
ऊष्मा का किसी माध्यम की आवश्यकता के बिना विद्युतचुंबकीय तरंगों के रूप में संचरण विकिरण कहलाता है।
सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण
सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का पहुँचना।
सूर्य और पृथ्वी के बीच लगभग निर्वात वाला अंतरिक्ष होने के बावजूद सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी तक पहुँचती है।
इसलिए:
विकिरण के लिए माध्यम आवश्यक नहीं है।
चालन, संवहन और विकिरण में अंतर
| चालन | संवहन | विकिरण |
|---|---|---|
| मुख्यतः ठोस में | द्रव और गैस में | माध्यम आवश्यक नहीं |
| कणों के संपर्क से | पदार्थ के bulk movement से | विद्युतचुंबकीय तरंगों से |
| लोहे की छड़ का गर्म होना | पानी का गर्म होना | सूर्य की ऊष्मा |
| माध्यम आवश्यक | माध्यम आवश्यक | माध्यम आवश्यक नहीं |
दैनिक जीवन में ऊष्मा का संचरण
हमारे आसपास इन तीनों विधियों के कई उदाहरण मिलते हैं।
चालन
गर्म चाय में रखा धातु का चम्मच गर्म होना।
संवहन
गर्म पानी में पानी का ऊपर-नीचे circulation।
विकिरण
सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा आना।
परीक्षा के लिए सुपर Important Short Notes
गुरुत्वाकर्षण
F = Gm₁m₂/r²
g ≈ 9.8 m/s²
W = mg
द्रव्यमान → kg
भार → N
दाब
P = F/A
SI इकाई → Pa
1 Pa = 1 N/m²
क्षेत्रफल कम → दाब अधिक।
घनत्व
ρ = m/V
SI इकाई → kg/m³
पानी का घनत्व → लगभग 1000 kg/m³
पदार्थ
ठोस → निश्चित आकार + निश्चित आयतन
द्रव → निश्चित आयतन + अनिश्चित आकार
गैस → अनिश्चित आकार + अनिश्चित आयतन
ऊष्मा
ऊष्मा → ऊर्जा का स्थानांतरण
SI इकाई → Joule
Q = mcΔT
तापमान
SI इकाई → Kelvin
यंत्र → Thermometer
K ≈ °C + 273
ऊष्मा का संचरण
चालन → मुख्यतः ठोस
संवहन → द्रव और गैस
विकिरण → माध्यम की आवश्यकता नहीं
सूर्य की ऊष्मा → विकिरण
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण One-Liners
-
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम न्यूटन ने दिया।
-
गुरुत्वीय त्वरण को g से दर्शाया जाता है।
-
पृथ्वी की सतह के पास g का मान लगभग 9.8 m/s² है।
-
भार का सूत्र W = mg है।
-
दाब का सूत्र P = F/A है।
-
दाब की SI इकाई पास्कल है।
-
घनत्व का सूत्र ρ = m/V है।
-
घनत्व की SI इकाई kg/m³ है।
-
पानी का घनत्व लगभग 1000 kg/m³ है।
-
ठोस का निश्चित आकार और निश्चित आयतन होता है।
-
द्रव का निश्चित आयतन लेकिन निश्चित आकार नहीं होता।
-
गैस का न तो निश्चित आकार होता है और न निश्चित आयतन।
-
द्रव की परतों के बीच गति का विरोध करने का गुण श्यानता कहलाता है।
-
द्रव की सतह से संबंधित गुण पृष्ठ तनाव है।
-
ऊष्मा की SI इकाई जूल है।
-
तापमान की SI इकाई केल्विन है।
-
तापमान मापने के लिए थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है।
-
ऊष्मा सामान्यतः अधिक तापमान से कम तापमान की ओर जाती है।
-
ऊष्मा संचरण की तीन विधियाँ चालन, संवहन और विकिरण हैं।
-
सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा विकिरण द्वारा पहुँचती है।
-
धातुएँ सामान्यतः ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं।
-
संवहन मुख्यतः द्रव और गैसों में होता है।
-
विकिरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
-
विशिष्ट ऊष्मा धारिता से संबंधित formula Q = mcΔT है।
-
अवस्था परिवर्तन के दौरान संबंधित ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा कहा जाता है।
निष्कर्ष
गुरुत्वाकर्षण से लेकर ऊष्मा के संचरण तक के ये topics Physics की foundation को मजबूत करते हैं। गुरुत्वाकर्षण हमें बताता है कि वस्तुएँ पृथ्वी की ओर क्यों गिरती हैं, दाब और घनत्व हमें द्रव एवं गैसों के व्यवहार को समझने में मदद करते हैं, जबकि पदार्थ के गुण अलग-अलग पदार्थों की विशेषताओं को समझाते हैं।
इसी तरह ऊष्मा और तापमान के बीच अंतर तथा चालन, संवहन और विकिरण को समझना रोजमर्रा की कई घटनाओं को वैज्ञानिक तरीके से समझने में मदद करता है।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते समय केवल definitions याद करने के बजाय formula + unit + example + concept को एक साथ पढ़ें। इससे numerical और theoretical दोनों प्रकार के प्रश्नों को हल करना आसान होगा।
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