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Partnership in Hindi

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By NotesMind
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1. साझेदारी क्या है?

जब दो या अधिक व्यक्ति मिलकर कोई व्यापार करते हैं, पूँजी लगाते हैं और लाभ या हानि आपस में बाँटते हैं, तो इसे साझेदारी कहते हैं। व्यापार में पूँजी लगाने वाले साझेदार (Partners) कहलाते हैं।

2. साझेदारी का मूल सिद्धांत

लाभ या हानि का बँटवारा पूँजी और समय के गुणनफल के अनुपात में होता है।

लाभ का अनुपात = (P₁ × T₁) : (P₂ × T₂) : (P₃ × T₃)

यहाँ P = लगाई गई पूँजी और T = पूँजी लगे रहने का समय।

तीन स्थितियाँ

स्थिति लाभ का अनुपात
समय समान, पूँजी अलग पूँजी के अनुपात में
पूँजी समान, समय अलग समय के अनुपात में
पूँजी और समय दोनों अलग पूँजी × समय के अनुपात में

3. समान समय वाले प्रश्न

उदाहरण: A ने ₹4000 और B ने ₹6000 एक वर्ष के लिए लगाए। कुल लाभ ₹5000 है। हिस्से?
अनुपात = 4000 : 6000 = 2 : 3
योग = 5 भाग = 5000 → 1 भाग = 1000
A = ₹2000 और B = ₹3000

उदाहरण (भिन्न में पूँजी): A, B, C की पूँजी का अनुपात 1/2 : 1/3 : 1/4 है। लाभ ₹1300 हो, तो हिस्से?
LCM = 12 से गुणा: 6 : 4 : 3
योग = 13 भाग = 1300 → 1 भाग = 100
A = ₹600, B = ₹400, C = ₹300

4. पूँजी और समय दोनों अलग वाले प्रश्न

उदाहरण 1: बाद में शामिल होना

A ने ₹5000 साल भर के लिए लगाए। B 4 महीने बाद ₹6000 लेकर शामिल हुआ। कुल लाभ ₹9000 है। हिस्से?

A = 5000 × 12 = 60000
B = 6000 × 8 = 48000 (B ने केवल 8 महीने लगाए)
अनुपात = 60000 : 48000 = 5 : 4
A = ₹5000 और B = ₹4000

उदाहरण 2: समान पूँजी-समय गुणनफल

A ने ₹15000 के लिए 8 महीने और B ने ₹20000 के लिए 6 महीने निवेश किया।
A = 15000 × 8 = 120000
B = 20000 × 6 = 120000
अनुपात 1 : 1, यानी लाभ बराबर बँटेगा।

उदाहरण 3: तीन साझेदार

A, B और C की पूँजी का अनुपात 2 : 3 : 5 है और समय का अनुपात 5 : 4 : 3 है। कुल लाभ ₹3700 हो, तो हिस्से?
A = 2 × 5 = 10
B = 3 × 4 = 12
C = 5 × 3 = 15
अनुपात = 10 : 12 : 15 (योग = 37 भाग)
1 भाग = 3700/37 = 100
A = ₹1000, B = ₹1200, C = ₹1500

उदाहरण 4: दोनों दिशा में अंतर

A की पूँजी B की पूँजी की दुगुनी है, लेकिन A ने आधे समय के लिए लगाई। लाभ का अनुपात?
माना B की पूँजी = 1, B का समय = 2
तो A की पूँजी = 2, A का समय = 1
A : B = (2 × 1) : (1 × 2) = 1 : 1

5. बीच में पूँजी निकालना या बढ़ाना

उदाहरण: A ने ₹8000 पूरे वर्ष के लिए लगाए। B ने ₹6000 लगाए, लेकिन 4 महीने बाद ₹2000 निकाल लिए। लाभ ₹19000 है। हिस्से?

A = 8000 × 12 = 96000
B = (6000 × 4) + (4000 × 8) = 24000 + 32000 = 56000
अनुपात = 96000 : 56000 = 12 : 7
योग = 19 भाग = 19000 → 1 भाग = 1000
A = ₹12000 और B = ₹7000

ट्रिक: जब भी पूँजी बदले, हर अवधि के लिए अलग से पूँजी × समय निकालें और जोड़ दें।

6. कार्यकारी और निष्क्रिय साझेदार (Working and Sleeping Partner)

  • कार्यकारी साझेदार (Working Partner): जो व्यापार चलाने में मेहनत करता है। उसे वेतन या कमीशन अलग से मिलता है।
  • निष्क्रिय साझेदार (Sleeping Partner): जो केवल पूँजी लगाता है, काम नहीं करता।

नियम: पहले कार्यकारी साझेदार का वेतन या कमीशन निकालें, फिर बचे लाभ को पूँजी-समय के अनुपात में बाँटें।

उदाहरण: A और B ने क्रमशः ₹10000 और ₹15000 लगाए। A कार्यकारी साझेदार है और उसे लाभ का 10% वेतन मिलता है। कुल लाभ ₹20000 है। कुल हिस्से?

A का वेतन = 10% × 20000 = ₹2000
शेष लाभ = 20000 − 2000 = ₹18000
अनुपात = 10000 : 15000 = 2 : 3
A का हिस्सा = 18000 × 2/5 = ₹7200
B का हिस्सा = 18000 × 3/5 = ₹10800
A का कुल = 2000 + 7200 = ₹9200 और B = ₹10800

7. कुल लाभ या किसी एक का हिस्सा दिया हो

उदाहरण 1: A, B, C की पूँजी 4000, 5000 और 6000 एक वर्ष के लिए है। C का हिस्सा ₹3000 है। कुल लाभ?
अनुपात = 4 : 5 : 6 (योग = 15)
C = 6 भाग = 3000 → 1 भाग = 500
कुल लाभ = 15 × 500 = ₹7500

उदाहरण 2: A और B का लाभ अनुपात 3 : 5 है और A का हिस्सा ₹1500 है। B का हिस्सा?
3 भाग = 1500 → 1 भाग = 500 → B = 5 × 500 = ₹2500

8. हानि होने पर

हानि भी उसी अनुपात (पूँजी × समय) में बँटती है जिस अनुपात में लाभ बँटता है।

उदाहरण: A ने ₹6000 और B ने ₹9000 निवेश किए। हानि ₹2500 हुई। प्रत्येक की हानि?
अनुपात = 2 : 3, 1 भाग = 500
A = ₹1000 और B = ₹1500

9. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण ट्रिक्स

  • हर साझेदार की पूँजी × समय निकालें, फिर अनुपात बनाएँ।
  • समय को महीनों में लें ताकि अनुपात सरल रहे।
  • बाद में शामिल होने वाले का समय = कुल अवधि − देरी।
  • वेतन/कमीशन वाले प्रश्न में पहले वेतन घटाएँ, फिर बाँटें।
  • भिन्न में अनुपात आए तो LCM से गुणा करके पूर्ण संख्या बनाएँ।
  • संख्याएँ बड़ी हों तो सामान्य गुणनखंड से भाग देकर अनुपात छोटा करें।

10. अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)

  1. A ने ₹6000 और B ने ₹9000 एक वर्ष के लिए लगाए। लाभ ₹7500 है। हिस्से?
  2. A ने ₹8000 के लिए 12 महीने और B ने ₹12000 के लिए 6 महीने निवेश किया। लाभ ₹14000 है। हिस्से?
  3. A ने ₹5000 साल भर लगाए। B 3 महीने बाद ₹6000 लेकर शामिल हुआ। लाभ ₹19000 है। हिस्से?
  4. A और B की पूँजी का अनुपात 3 : 4 है और समय का अनुपात 4 : 3 है। लाभ ₹2000 है। हिस्से?
  5. A, B, C की पूँजी का अनुपात 1/3 : 1/4 : 1/6 है। लाभ ₹4500 है। हिस्से?
  6. A और B ने ₹5000 प्रत्येक लगाए। A कार्यकारी साझेदार है और उसे लाभ का 20% वेतन मिलता है। कुल लाभ ₹10000 है। कुल हिस्से?
  7. A, B, C ने क्रमशः ₹4000, ₹5000, ₹6000 लगाए। C का हिस्सा ₹3000 है। कुल लाभ?
  8. A ने ₹10000 के लिए 12 महीने, B ने ₹12000 के लिए 10 महीने और C ने ₹15000 के लिए 8 महीने निवेश किया। लाभ ₹9000 है। हिस्से?
  9. A की पूँजी B की पूँजी की दुगुनी है, लेकिन समय आधा है। लाभ अनुपात?
  10. A ने ₹7000 साल भर लगाए और B ने ₹9000 केवल 8 महीने के लिए लगाए। लाभ ₹6500 है। हिस्से?

उत्तर:

  1. ₹3000 और ₹4500
  2. ₹8000 और ₹6000
  3. ₹10000 और ₹9000
  4. ₹1000 और ₹1000
  5. ₹2000, ₹1500 और ₹1000
  6. A = ₹6000 और B = ₹4000
  7. ₹7500
  8. ₹3000 प्रत्येक
  9. 1 : 1
  10. ₹3500 और ₹3000

प्रश्न 3 का हल: A = 5000 × 12 = 60000, B = 6000 × 9 = 54000 → 10 : 9।
प्रश्न 6 का हल: A का वेतन = 2000, शेष 8000 बराबर बँटे (4000-4000), इसलिए A = 6000 और B = 4000।
प्रश्न 10 का हल: A = 84000, B = 72000 → 7 : 6, 13 भाग = 6500, 1 भाग = 500।

निष्कर्ष

साझेदारी का पूरा अध्याय पूँजी × समय के अनुपात पर टिका है। बाद में शामिल होने वाले साझेदार का सही समय निकालना, पूँजी बदलने पर अलग-अलग गुणनफल जोड़ना और वेतन पहले घटाना, ये तीन बातें सीख लें, तो SSC, Bank, Railway और RPSC में यह अध्याय आपके पक्के अंक बनेगा।

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