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राजस्थान के प्रमुख दुर्ग: जालौर, भटनेर, कुंभलगढ़, लोहागढ़ एवं बयाना दुर्ग , नीमराना, भैंसरोड़गढ़, मैगजीन, दौसा, मांडलगढ़, डीग आदि दुर्ग

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By NotesMind
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जालौर, भटनेर, कुंभलगढ़, लोहागढ़ एवं बयाना दुर्ग

राजस्थान के दुर्गों की गौरवशाली परंपरा में कुछ ऐसे किले हैं जो केवल स्थापत्य की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि युद्ध, बलिदान, अभेद्य सुरक्षा और राजपूती स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में विशेष पहचान रखते हैं। Rajasthan के जालौर, भटनेर, कुंभलगढ़, लोहागढ़ और बयाना दुर्ग ऐसे ही दुर्ग हैं, जिनका इतिहास वीरता, जौहर, संघर्ष और गौरव से भरा हुआ है।


1. जालौर दुर्ग

Jalore Fort पश्चिमी राजस्थान के सबसे प्राचीन और सुदृढ़ दुर्गों में गिना जाता है।

उपनाम

जालौर दुर्ग अनेक नामों से प्रसिद्ध है—

  • सुवर्णगिरी दुर्ग
  • कांचनगिरी दुर्ग
  • जालंधर दुर्ग
  • सोनगिरी दुर्ग
  • सोनारगढ़
  • जलालाबाद
  • जाबालीपुर

निर्माण

इस दुर्ग के निर्माण को लेकर विभिन्न मत हैं—

  • इतिहासकार औझा के अनुसार निर्माण परमारों ने करवाया।
  • दशरथ शर्मा के अनुसार नागभट्ट प्रथम ने सूकड़ी नदी के निकट सुवर्णगिरि पहाड़ी पर बनवाया।

विशेषताएँ

पश्चिमी राजस्थान का सबसे प्राचीन सुदृढ़ दुर्ग

यह पश्चिमी राजस्थान का अत्यंत मजबूत किला माना जाता है।

हसन निजामी का कथन

Hasan Nizami ने कहा—

“यह ऐसा किला है जिसका द्वार कोई आक्रमणकारी खोल नहीं सका।”


दर्शनीय स्थल

  • चामुंडा माता मंदिर
  • जोगमाया मंदिर
  • परमारकालीन कीर्ति स्तंभ
  • अलाउद्दीन खिलजी की दरगाह
  • मलिक साहब की मस्जिद

जालौर का साका (1311 ई.)

अलाउद्दीन खिलजी का आक्रमण

1311 ईस्वी में Alauddin Khalji ने जालौर पर आक्रमण किया।

उस समय शासक कान्हड़देव थे।


छल से विजय

जब सीधे युद्ध में सफलता नहीं मिली तो सेनापति दहिया बीका को लालच देकर गुप्त मार्ग ज्ञात किए गए।


वीरता और जौहर

  • कान्हड़देव वीरगति को प्राप्त हुए।
  • वीरमदेव ने आशापुरा माता के समक्ष कटार घोंप आत्मबलिदान किया।
  • रानी जैतल दे ने जौहर किया।

यह राजस्थान की महान वीरगाथाओं में शामिल है।


जलालाबाद नाम

विजय के बाद अलाउद्दीन ने नाम बदलकर जलालाबाद रखा।


2. भटनेर दुर्ग

Bhatner Fort राजस्थान का सबसे प्राचीन दुर्ग माना जाता है।


निर्माण

285 ईस्वी (तीसरी शताब्दी) में भाटी नरेश भूपत द्वारा।

शिल्पी—
कैकेया


उपनाम

  • उत्तरी भड़-किवाड़
  • हनुमानगढ़ दुर्ग
  • उत्तरी सीमा का प्रहरी
  • बांकागढ़

हनुमानगढ़ नामकरण

बीकानेर के शासक सूरतसिंह ने मंगलवार को इस पर अधिकार किया।

हनुमानजी के दिन होने से नाम पड़ा—

हनुमानगढ़


विशेषताएँ

राजस्थान का सबसे प्राचीन किला

सर्वाधिक विदेशी आक्रमण

इस दुर्ग पर सबसे अधिक विदेशी आक्रमण हुए।


तैमूर का कथन

Timur ने लिखा—

“इतना सुरक्षित किला पूरे हिंदुस्तान में नहीं देखा।”


प्रमुख स्थल

  • शेर खान की कब्र
  • गोरखनाथ मंदिर

3. कुंभलगढ़ दुर्ग

Kumbhalgarh Fort राजस्थान ही नहीं, भारत के महानतम दुर्गों में गिना जाता है।


निर्माण

1443 से 1456 ई. के मध्य

निर्माता—
Rana Kumbha

शिल्पी—
Mandan


उपनाम

  • कुंभपुर
  • कमलमीर
  • कुंभलमेरु
  • मच्छेंद्र
  • मेवाड़ की शरणस्थली

भारत की महान दीवार

कुंभलगढ़ की प्राचीर—

  • 36 किलोमीटर लंबी
  • 7 मीटर चौड़ी

इतनी चौड़ी कि चार घुड़सवार साथ चल सकें।

इसे भारत की महान दीवार कहा जाता है।


जेम्स टॉड की उपमा

James Tod ने इसे एस्ट्रस्कन कहा।


अबुल फजल का कथन

Abu'l-Fazl ने लिखा—

“इतनी ऊँचाई पर है कि सिर से पगड़ी गिर जाए।”


कटारगढ़

कुंभा का निवास कटारगढ़ कहलाता है।

इसे मेवाड़ की आंख भी कहते हैं।


महाराणा प्रताप जन्मस्थली

Maharana Pratap का जन्म 1540 ईस्वी में यहीं हुआ।


पन्नाधाय प्रसंग

Panna Dhai उदयसिंह को बचाकर यहीं लाई थीं।


प्रमुख स्थल

  • झालीबाव बावड़ी
  • मामादेव कुंड
  • हाथिया गुड़ा नाल
  • पृथ्वीराज की छतरी

यूनेस्को धरोहर

2013 में विश्व धरोहर सूची में शामिल।


4. लोहागढ़ दुर्ग

Lohagarh Fort अभेद्यता के लिए प्रसिद्ध है।


उपनाम

  • भरतपुर दुर्ग
  • मिट्टी का किला
  • अभेद्य दुर्ग
  • अजयगढ़
  • पूर्वी सीमांत का प्रहरी

निर्माण

1733 ईस्वी

निर्माता—
Suraj Mal


विशेषताएँ

अंग्रेजों के लिए अभेद्य

Lord Lake ने 5 बार आक्रमण किया—

पर असफल रहा।


प्रसिद्ध कहावत

आठ फिरंगी नौ गोरा
लड़े जाट का दो छोरा

(दुर्जनलाल और माधोसिंह)


प्रमुख संरचनाएँ

जवाहर बुर्ज

1765 में दिल्ली विजय स्मृति में।

फतेह बुर्ज

1806 अंग्रेजों पर विजय स्मृति।


अन्य विशेषताएँ

  • अष्टधातु के किवाड़
  • राजेश्वरी माता मंदिर
  • बिहारी मंदिर

5. बयाना दुर्ग

Bayana Fort अत्यंत प्राचीन एवं महत्वपूर्ण दुर्ग है।


उपनाम

  • बाणासुर का किला
  • विजयगढ़
  • बादशाह दुर्ग
  • श्रीपंथ दुर्ग
  • श्रीपुर दुर्ग

निर्माण

1040 ईस्वी

निर्माता—
महाराजा विजयपाल

मानी (दमदमा) पहाड़ी पर।


प्रमुख स्थल

भीमलाट

लाल पत्थर से निर्मित।

लोदी मीनार

Ibrahim Lodi द्वारा।


कब्रगाहों का शहर

बयाना को यह उपनाम भी प्राप्त है।


ऐतिहासिक महत्व

सूरजमल राज्याभिषेक

Suraj Mal का राज्याभिषेक यहीं हुआ।

अकबर की छतरी

दुर्ग के भीतर स्थित।


इन दुर्गों का सामूहिक महत्व

सैन्य महत्व

  • सीमांत सुरक्षा
  • अभेद्य प्राचीरें
  • रणनीतिक दुर्ग

वीरता

  • साके
  • जौहर
  • आत्मबलिदान

स्थापत्य

  • महान प्राचीर
  • बुर्ज
  • जल प्रबंधन

राजस्थान के अन्य प्रमुख दुर्ग (नीमराना, भैंसरोड़गढ़, मैगजीन, दौसा, मांडलगढ़, डीग आदि)

Rajasthan के दुर्गों की परंपरा केवल बड़े ऐतिहासिक किलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनेक छोटे किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण दुर्ग भी राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को समृद्ध करते हैं। ये दुर्ग कभी सामरिक चौकियाँ रहे, कभी क्षेत्रीय राजधानियाँ, कभी शरणस्थली, तो कभी स्थापत्य और सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक।

इस भाग में राजस्थान के अन्य प्रमुख दुर्गों एवं किलों का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत है।


1. कांकणवाड़ी का किला

कांकणवाड़ी का किला सरिस्का के जंगलों में स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दुर्ग है।

निर्माण

इसका निर्माण
Sawai Jai Singh II
द्वारा करवाया गया।


ऐतिहासिक महत्व

इस किले में औरंगजेब ने अपने भाई दाराशिकोह को कैद करके रखा था।


2. अजबगढ़ दुर्ग

Ajabgarh Fort का निर्माण 1635 ईस्वी में अजबसिंह ने करवाया।

यह दुर्ग भानगढ़ के साथ इतिहास और पुरातत्व की दृष्टि से प्रसिद्ध है।


3. नीमराना दुर्ग

Neemrana Fort राजस्थान के प्रसिद्ध हेरिटेज दुर्गों में शामिल है।

निर्माण

1464 ईस्वी में निर्माण।

उपनाम

पंचमहल

क्योंकि यह पाँच मंजिला दुर्ग है।


विशेषता

वर्तमान में यह प्रसिद्ध हेरिटेज होटल है।


4. बीनादेसर किला

Binnadesar Fort

निर्माण 1757 ईस्वी में
ठाकुर दुल्हेसिंह द्वारा।


5. बसंतगढ़ दुर्ग

Basantgarh Fort

निर्माण
Rana Kumbha
ने पिंडवाड़ा क्षेत्र में करवाया।


6. दौसा का किला

Dausa Fort

देवगिरि पहाड़ी पर स्थित यह दुर्ग सूप (छाजल) की आकृति में बना है।


निर्माण

गुर्जर प्रतिहारों द्वारा।


द्वार

  • हाथीपोल
  • मोरी दरवाजा

विशेष महत्व

दौसा कच्छवाहों की प्रारंभिक राजधानी रही।


7. मांडलगढ़ दुर्ग

Mandalgarh Fort

बनास, बेड़च और मेनाल नदियों के संगम के निकट स्थित।


निर्माण

  • मूल निर्माण : चानणा गुर्जर
  • पुनर्निर्माण :
    Rana Kumbha

महत्व

सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दुर्ग।


8. भैंसरोड़गढ़ दुर्ग

Bhainsrorgarh Fort राजस्थान के प्रसिद्ध जलदुर्गों में गिना जाता है।


निर्माण

भैंसाशाह और रोड़ा चारण द्वारा।


स्थिति

चंबल और बामनी नदियों के संगम पर।


उपनाम

  • राजस्थान का वेल्लोर
  • जल दुर्ग

विशेषता

राजस्थान का एकमात्र दुर्ग जिसका निर्माण व्यापारी ने करवाया।


9. कोटड़ा किला

Kotda Fort

निर्माण किराडू के परमार शासकों द्वारा।

दर्शनीय

  • सरगता कुआँ

10. मंडरायल दुर्ग

Mandrayal Fort

उपनाम

  • करौली दुर्ग
  • ग्वालियर दुर्ग की कुंजी

विशेषता

मर्दानशाह पीर की दरगाह स्थित।


11. तिमनगढ़ (त्रिभुवनगढ़)

Timangarh Fort

निर्माण त्रिभुवनपाल द्वारा।


विशेषताएँ

  • ननंद-भोजाई का कुआँ
  • मूर्ति तस्करी के कारण चर्चित

12. मैगजीन दुर्ग / अकबर का किला

Akbari Fort and Museum


उपनाम

  • अकबर का किला
  • शस्त्रागार
  • अकबर का दौलतखाना

निर्माण

Akbar द्वारा।


विशेषता

मुस्लिम पद्धति पर बना एकमात्र दुर्ग।


ऐतिहासिक घटना

1616 में
Sir Thomas Roe
ने यहाँ जहांगीर से भेंट की।


13. केहरीगढ़ दुर्ग

Kishangarh Fort

गुंदोलाव तालाब के पास स्थित।

विशेषता

आज हेरिटेज होटल।

भीतरी भाग—
जिवरक्खा महल


14. चौमू किला

Chomu Fort


उपनाम

  • रघुनाथगढ़
  • चौमुहागढ़
  • धराधारगढ़
  • सामंती दुर्ग

निर्माण

1599 ईस्वी
ठाकुर करणसिंह द्वारा।


निकट स्थल

सामोद हनुमान मंदिर।


15. टॉडगढ़ दुर्ग

Todgarh Fort

प्राचीन नाम—
बोरासवाड़ा


निर्माण

James Tod द्वारा।


महत्व

यहाँ
Vijay Singh Pathik
को नजरबंद रखा गया।


16. माधोराजपुर दुर्ग

Madhorajpura Fort

निर्माण
Sawai Madho Singh
द्वारा।


विशेषता

मराठों पर विजय उपलक्ष्य में निर्मित।


17. ककोड़ का किला

Kakod Fort

टोंक-सवाई माधोपुर मार्ग पर स्थित।


18. पचेवर किला

Pachewar Fort

उपनाम

चौबुर्जा किला

विशेष—
पाड़ा चक्की


19. शाहाबाद दुर्ग

Shahabad Fort

निर्माण—
मुक्तामन चौहान (1521)


प्रमुख स्थल

  • सावन-भादो महल
  • कुंडा खोल झरना

नवलखा बाण तोप

19 फीट लंबी विशाल तोप।


20. मनोहर थाना किला

Manohar Thana Fort

परवन नदी किनारे।


मंदिर

  • शिव मंदिर
  • विश्ववन्ती देवी मंदिर

21. नवलखा दुर्ग

Navlakha Fort

नींव—
पृथ्वी सिंह


22. लक्ष्मणगढ़ दुर्ग

Laxmangarh Fort

निर्माण—
राव राजा लक्ष्मण सिंह


23. फतेहपुर दुर्ग

Fatehpur Fort

1453 ईस्वी

निर्माता—
Fateh Khan Kayamkhani


24. वैर का किला

Weir Fort

निर्माण—
Badan Singh

विशेष—
चारों ओर प्रताप नहर।


25. डीग का किला

Deeg Fort

1730 ईस्वी

निर्माता—
Badan Singh


उपनाम

जलमहलों की नगरी

फव्वारों हेतु प्रसिद्ध।


26. सोजत दुर्ग

Sojat Fort

1460 के आसपास

निर्माण—
निम्बा (राव जोधा के पुत्र)


27. किलोनगढ़ दुर्ग

Kiradu Fort (Kilon Garh)

1552 ईस्वी
राव भीमोजी द्वारा।


28. नीलकंठ/राजोरगढ़ दुर्ग

Rajorgarh Fort

अरावली पहाड़ियों में स्थित प्राचीन दुर्ग।


इन दुर्गों का महत्व

सामरिक महत्व

  • सीमांत रक्षा
  • चौकियाँ
  • शरणस्थली

स्थापत्य महत्व

  • जलदुर्ग
  • गिरी दुर्ग
  • सामंती दुर्ग

सांस्कृतिक महत्व

  • मंदिर
  • दरगाह
  • महल
  • हेरिटेज संरचनाएँ
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