राजस्थान प्रजामंडल आंदोलन Part 2
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मारवाड़ प्रजामंडल आंदोलन का इतिहास
मारवाड़ क्षेत्र में राजनीतिक जागृति लाने के लिए कई संगठनों का गठन किया गया, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
1. मारवाड़ सेवा संघ और तौल आंदोलन
- स्थापना: 1920 ई. में जयनारायण व्यास द्वारा 'मारवाड़ सेवा संघ' की स्थापना की गई.
- तौल आंदोलन: इस संघ ने 'तौल आंदोलन' का नेतृत्व किया। रियासत ने 1 सेर में 100 तौल के स्थान पर 80 तौल कर दिए थे, जिसका विरोध किया गया।
- विलय: बाद में इस संगठन को 'मारवाड़ यूथ लीग' में मिला दिया गया।
2. मारवाड़ देशी राज्य लोक परिषद (1929 ई.)
- गठन: 1929 ई. में जयनारायण व्यास द्वारा इसका गठन किया गया।
- रियासती दमन: यह संगठन अपना प्रथम अधिवेशन जोधपुर में आयोजित करना चाहता था, लेकिन रियासत ने नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
- गिरफ्तार नेता: जयनारायण व्यास, आनंदराज सुराणा और भंवरलाल सर्राफ।
- मुकदमा: इन नेताओं के खिलाफ नागौर की एक विशेष अदालत में मुकदमा चलाया गया था।
3. परिषद का प्रथम अधिवेशन (पुष्कर)
- समय: 24-25 नवंबर, 1931 ई.
- स्थान: पुष्कर (अजमेर)
- अध्यक्ष: चाँदकरण शारदा (अजमेर)
- प्रमुख प्रतिभागी: इस अधिवेशन में मणिलाल कोठारी, काका कालेलकर और कस्तूरबा गांधी ने भी भाग लिया था।
4. मारवाड़ यूथ लीग और बाल भारत सभा
- मारवाड़ यूथ लीग: 10 मई 1931 ई. को जयनारायण व्यास ने इसका गठन किया।
- नाम परिवर्तन: बाद में इस संगठन का नाम बदलकर 'बाल भारत सभा' कर दिया गया था।
5. महत्वपूर्ण घटनाएँ और प्रजामंडल का गठन
- तिरंगा फहराना: 1932 ई. में 'छगनराज चौपासनीवाला' ने जोधपुर में भारतीय ध्वज (तिरंगा) फहराया था।
- मारवाड़ प्रजामंडल (1934 ई.): 1934 ई. में आधिकारिक रूप से 'मारवाड़ प्रजामंडल' का गठन किया गया।
- अध्यक्ष: भंवरलाल सर्राफ को इसका प्रथम अध्यक्ष बनाया गया।
1. प्रमुख दिवस (1936 ई.)
- कृष्णा दिवस: यह 1936 में बॉम्बे (मुंबई) में मनाया गया था.
- शिक्षा दिवस: यह 1936 में जोधपुर में मनाया गया था.
2. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (1936 ई.)
- अधिवेशन: 1936 ई. में इस परिषद का अधिवेशन कराची में आयोजित किया गया.
- जयनारायण व्यास की भूमिका: जयनारायण व्यास को इस अधिवेशन में महामंत्री बनाया गया.
- रियासती पाबंदी: उनकी सक्रियता के कारण जोधपुर रियासत ने उनके प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी.
- पाबंदी हटाना: बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने जोधपुर के तत्कालीन पीएम डोनाल्ड फील्ड को पत्र लिखकर जयनारायण व्यास पर लगी इस पाबंदी को हटवाया था.
3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ्तारियां
आंदोलन के दौरान मारवाड़ के प्रमुख नेताओं को नजरबंद किया गया था:
- जयनारायण व्यास: इन्हें सिवाणा किले में नजरबंद किया गया.
- अन्य प्रजामंडल नेता: प्रजामंडल के अन्य नेताओं को जालौर किले में नजरबंद किया गया था.
4. मारवाड़ लोक परिषद (1938 ई.)
- अध्यक्ष: रणछोड़ दास गट्टानी.
- उद्देश्य: रियासत में 'उत्तरदायी शासन' की स्थापना करना.
- किसानों का समर्थन: इस संगठन ने मारवाड़ के किसान आंदोलनों को अपना पूर्ण समर्थन दिया था.
5. जोधपुर नगरपालिका और प्रशासनिक परिवर्तन
- जवाहरलाल नेहरू (1941 ई.): 1941 ई. में जवाहरलाल नेहरू को जोधपुर नगरपालिका का अध्यक्ष बनाया गया था.
- पुनः चुनाव (1945 ई.): 1945 में दोबारा चुनाव हुए और द्वारिकादास पुरोहित को नया अध्यक्ष चुना गया.
- प्रधानमंत्री की नियुक्ति: 1945 ई. में नेहरू जी के सुझाव पर डोनाल्ड फील्ड के स्थान पर C.S. वेंकटाचारी को जोधपुर का प्रधानमंत्री (PM) नियुक्त किया गया.
1. चण्डावल घटना (पाली) - 28 मार्च 1942
- विवरण: चण्डावल के सामंत ने मारवाड़ लोक परिषद की किसान सभा पर लाठीचार्ज करवाया था।
- हताहत: इस हमले में 6 किसान शहीद हुए थे।
- राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: महात्मा गांधी ने इस दुखद घटना का विवरण अपने समाचार पत्र 'हरिजन' में प्रकाशित करवाया था।
- जाँच आयोग: इस घटना की जाँच के लिए श्री प्रकाश की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया था।
2. डाबडा काण्ड (डीडवाना, नागौर) - 13 मार्च 1947
- विवरण: डीडवाना के सामंत द्वारा किसान सभा पर हिंसक लाठीचार्ज किया गया।
- शहीद: इसमें कई किसान शहीद हुए, जिनमें प्रमुख नाम मोतीराम जी और चुन्नीलाल जी के हैं।
- घायल: इस काण्ड में प्रसिद्ध नेता मथुरादास माथुर गंभीर रूप से घायल हुए थे।
- महत्व: इस घटना के बारे में कहा गया कि यह "जीवन को झकझोर देने वाली घटना" थी।
3. मारवाड़ सत्याग्रह और अध्यादेश
- मारवाड़ सत्याग्रह दिवस (26 जुलाई 1942): इस दिन बड़े स्तर पर सत्याग्रह आयोजित किया गया, जिसमें महिमा देवी किंकर के नेतृत्व में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
- मारवाड़ दरबार पब्लिक सेफ्टी अध्यादेश (1932 ई.): यह रियासत द्वारा आंदोलनों को कुचलने के लिए लागू किया गया एक दमनकारी कानून था।
4. मारवाड़ प्रजामंडल में शामिल प्रमुख महिलाएँ
मारवाड़ के स्वतंत्रता संग्राम और जन-जागृति में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। प्रजामंडल से जुड़ी प्रमुख महिलाएँ निम्नलिखित थीं:
- गौरजा व्यास
- महिमा देवी किंकर
- सावित्री देवी भाटी
- रमादेवी व्यास
- दयावती
- कृष्णाकुमारी
- सूरजदेवी
1. जयनारायण व्यास: साहित्य और पत्रकारिता
जयनारायण व्यास ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनता में राजनीतिक चेतना जाग्रत की। उनके द्वारा लिखित पुस्तकें और संपादित समाचार-पत्र इस प्रकार हैं:
प्रमुख पुस्तकें:
- मारवाड़ की अवस्था
- पोपाबाई की पोल
- मार्च से संघर्ष क्यों?
- गरीबों की आवाज
प्रमुख समाचार-पत्र:
- PeeP (अंग्रेजी): यह दिल्ली से प्रकाशित होता था।
- अखण्ड भारत (हिन्दी): इसका प्रकाशन बॉम्बे (मुंबई) से किया गया।
- तरुण राजस्थान (हिन्दी): यह ब्यावर से प्रकाशित होता था।
- आगीवाण (राजस्थानी): यह भी ब्यावर से प्रकाशित होता था।
- यह राजस्थानी भाषा का पहला राजनीतिक पाक्षिक (हर 15 दिन में निकलने वाला) समाचार-पत्र था।
2. जोधपुर की महत्वपूर्ण यात्रा (1938 ई.)
- वर्ष 1938 ई. में सुभाष चन्द्र बोस और विजयलक्ष्मी पंडित (जवाहरलाल नेहरू की बहन) ने जोधपुर की यात्रा की थी, जिससे स्थानीय आंदोलन को बल मिला।
3. हाड़ौती प्रजामंडल (1934 ई.)
- संस्थापक: इसकी स्थापना नयनूराम शर्मा और हाजी फैज मोहम्मद द्वारा की गई थी।
- प्रमुख गतिविधि: इस प्रजामंडल ने क्षेत्र में 'बेगार विरोधी आंदोलन' चलाया था।
- विशेष तथ्य: मारवाड़ प्रजामंडल से संबंधित सूरजदेवी माथुर और सावित्री देवी ने एक सभा में उत्तरदायी शासन के गीत गाकर जन-जागृति का प्रसार किया।
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